Editor Login

अवैध बालू खनन का आरोपी ब्रॉडसन से सरकार का समझौता !

अवैध बालू खनन का आरोपी ब्रॉडसन से सरकार का समझौता !

>> 165 करोड़ रूपये ,ब्रॉडसन कंपनी अदा कर करेगा बालू खनन
>> नया मिला टेंडर की रहेगी पुरी वैधता, जिसका नहीं हुआ हैं टेंडर उसपर ब्रॉडसन का रहेगा कब्जा
>> हाईकोर्ट में दाखिल याचिका को वापस ले सकती हैं ब्रॉडसन
>> ब्रॉडसन कंपनी पर दर्ज हैं तीनों जिले में सैकड़ों एफआईआर ,माफिया सहित सैकड़ों मजदूर भेजे गये जेल

रवीश कुमार मणि

पटना ( अ सं ) । सूबे में बालू को लेकर बीते छ : माह से बबाल मचा रहा । राजनीति पार्टियां ,गिरगिट की तरह दिखी । भाजपा पार्टी ने ब्रॉडसन कंपनी से जुड़े बालू माफियाओं को राजद पार्टी का फंडिंग बैंक बताया था। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कई साक्ष्य ,मीडिया से साझा किया । पिजड़े में बंद तोता समान ,बिहार पुलिस -प्रशासन को बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आजाद कर दिया गया । तीन जिले ,पटना ,भोजपुर और सारण में बालू खनन कर रहें ब्रॉडसन कंपनी को अवैध खनन का आरोपी मानते हुये सैकड़ों एफआईआर दर्ज कर दिया गया । कंपनी से जुड़े को माफिया बता एवं सैकड़ों मजदूरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया । सभी बालू घाट बंद कर दिये गये । लाखों मजदूरों का चूल्हा बंद हो गया । बालू के किल्लत ने सूबे के अंदर चल रहें निजी और सरकारी दोनों कार्य पुरी तरह से ठप पर गया । लाखों मजदूर ,पलायन कर गये । सरकार के अंदर खाने की बात करें तो अवैध बालू खनन के आरोपी ब्रॉडसन कंपनी से सरकार का समझौता हो गया हैं । ब्रॉडसन कंपनी 165 करोड़ रूपये जमा कर बालू खनन का कार्य जल्द ही शुरू करेगी । इस तरह तीनों जिले में बालू पर ब्रॉडसन का ही जलवा रहेगा ,हालाँकि नये टेंडर किये गये बालू घाट अपना खनन करेगी । ब्रॉडसन कंपनी से समझौता के बाद नीतीश सरकार पर सवाल खड़ा होने लगा हैं कि जब सब कुछ तय करना था तो फिर इतना बड़ा ड्रामा क्यों खड़ा किया गया । मजदूरों के पेट से क्यों खिलवाड़ किया गया ।
बात यहीं तक नहीं हैं ,खनन विभाग ने अवैध बालू खनन करने को लेकर ब्रॉडसन कंपनी के खिलाफ पटना ,आरा और सारण जिले में सैकड़ों एफआईआर दर्ज किया । दर्जनों मामले में पुलिस ने अवैध खनन के आरोप को सही मानते हुये ब्रॉडसन कंपनी के खिलाफ चार्जशीट कर दिया हैं । खनन विभाग के पूर्व एवं वर्ष 2017 में बनाया गया नियमावली और प्रावधानों के अनुसार चार्जशीट कंपनी को किसी भी स्थिति में टेंडर का नवीकरण करने में पूर्ण रूप से रोक हैं और काली सूची में डालने का निर्देश हैं । अब सवाल उठता हैं की क्या ,जितने भी ब्रॉडसन कंपनी पर अवैध खनन का एफआईआर किया गया वह झूठ था या फिर चार्जशीट गलत किया गया ।
ब्रॉडसन कंपनी को बालू खनन करने का टेंडर पांच वर्षों के लिए भाजपा और जदयू सरकार ने दिया हैं । इसकी वैधता 2019 तक हैं । सरकार के कार्रवाई के खिलाफ ब्रॉडसन कंपनी ,हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किये हुये हैं ।जिसकी पूर्ण सुनवाई लंबित हैं । सुत्रों की मानें तो सरकार घिर चुकी हैं ,वहीं ब्रॉडसन अपना याचिका वापस ले सकती हैं ।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *