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अमहारा के गण ने तंत्र को किया मजबूत

अमहारा के गण ने तंत्र को किया मजबूत

>> चिकित्सा ,राजनीति ,शिक्षा ,इंजीनियरिंग एवं न्यायपालिका के बड़े ओहदे पर हैं ग्रामवासी
>> एशिया महाद्वीप में सबसे अधिक चिकित्सक देने वाला हैं यह गांव

रवीश कुमार मणि

पटना ( अ सं ) । आजादी के संघर्ष में बड़ी भूमिका निभाने वाला राजधानी पटना जिले के अमहारा गांव ने आजादी बाद आधुनिक भारत के निर्माण में बडा योगदान दे रहें हैं और सही मायने में गणतंत्र को मजबूत कर रहें हैं ।अमहारा गांव की मिट्टी ,संघर्ष और कड़ी मेहनत की गाथा हैं ।
भारत देश ही नहीं एशिया महाद्वीप में ही अकेला ऐसा गांव अमहारा हैं जिसने 55 डाक्टर दिये ।इसमें 15 -20 डाक्टर विदेशों में नाम रौशन कर रहें हैं ।शिशु रोग विशेषज्ञ डा उत्पल कांत सिंह एवं रूबन हॉस्पिटल के मालिक डा सत्यजीत सिंह को सराहनीय कार्य के लिए कई बार सम्मानित किया गया हैं ।
स्वतंत्रता संग्राम में अमहारा ,पटना के पश्चिमी क्षेत्रों का नेतृत्व करता था तो आजादी के बाद कांग्रेस नेता दिवाकर सिंह बिक्रम विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय राजनीति में रहें । कांग्रेस के टिकट पर लगातार विधानसभा चुनाव लड़े लेकिन कामयाबी नहीं मिली । लेकिन इन्हीं के गांव अमहारा के अनिल कुमार तीन बार बिक्रम विधानसभा से विधायक रहें । अनिल कुमार को कहीं दूसरे गांव के नहीं इनके ही गांव ,अमहारा के लाल, शिशु रोग विशेषज्ञ डा उत्पलकांत सिंह के लड़के सिद्धार्थ सिंह ने करीब 60 हजार मतों से पराजित कर बिक्रम विधानसभा में जीत दर्ज किया और वर्तमान में सिद्धार्थ सिंह ,कांग्रेस पार्टी के विधायक हैं और बिक्रम एवं नौबतपुर के विकास में जुटे हैं । हजारों लोगों को मुफ्त में आंखों का ऑपरेशन करा चुके हैं ।
इसी गांव ,अमहारा के शिक्षाविद प्रो रामनाथ शर्मा थे। अपने जीवनकाल में कई किताबें लिखी और साहित्य के बड़े जानकार थे। अमहारा गांव के दर्जनों प्रोफेसर एवं अपर प्रोफेसर देश के विभिन्न यूनिवर्सिटी में सेवा दे रहें हैं और उच्च शिक्षा का अलख जगा रहें हैं ।
इंजीनियरिंग सेवा की बात करें तो पाएंगे की इस कार्यक्षेत्र में भी अमहारा पीछे नहीं हैं । आलोक कुमार ,अमेरिका में कार्यरत हैं साथ ही दो दर्जन इंजीनियर ,राज्य और देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिष्ठित कंपनियों में हैं ।
न्यायपालिका की बात करें तो अमहारा गांव निवासी डा रवि रंजन ,पटना हाईकोर्ट में जस्टिस हैं ।इस गांव के दर्जनों युवकों ने जस्टिस डा रवि रंजन से प्रेरणा लें ( प्रेरित ) हो अधिवक्ता बनें और विभिन्न न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहें हैं । पत्रकारिता की बात करें तो अमहारा गांव ,इस क्षेत्र में अग्रणी हैं । बीबीसी में काम कर रहें विदू तिवारी ,वरिष्ठ पत्रकार अनीष अंकुर, आज से अमित्रजीत उर्फ बऊल जी, जागरण से रवि शंकर, सहारा से धर्मेन्द्र आनंद ,संघर्षरत हैं और ऐ पत्रकार शोषित समाज के वर्गों के लिए अपने कलम की ताकत से आवाज बुलंद कर रहें हैं । सच तो यह हैं की अमहारा के लोग अपने संघर्ष और कडी मेहनत के बदौलत देश के गणतंत्र को मजबूत कर रहें हैं और देश का नाम रौशन कर रहें हैं । आखिर में बस यहीं ” अमहारा की मिट्टी करें पुकार ,गांव ,शहर, राज्य और देश का हो सम्पूर्ण विकास ” ।

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