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अत्याधुनिक हथियारों के तस्करी में जुड़ा हैं राजद विधायक का नाम, लाचार हैं पटना पुलिस !

अत्याधुनिक हथियारों के  तस्करी में जुड़ा हैं राजद विधायक का नाम, लाचार हैं पटना पुलिस !

>> कुख्यात अपराधी ने स्वीकारा ,15 लाख रूपये में खरीदा था एके 47 एवं एके 56
>> शादी को लेकर ,अरविंद सिंह को एके 47 एवं सिक्सक अरूण यादव के हाथों बेचा
>> गिरफ्तार अपराधी के निशानदेही पर विधायक के समधी राजनारायण यादव उर्फ नेताजी के घर से पुलिस ने बरामद किया रायफल और कारतुस
>> अनुसंधानकर्ता ने जुड़े आरोपियों से आजतक नहीं किया हैं पूछताछ ,मामले में नहीं हुआ हैं सीटी एसपी सुपरविजन
>> चोर, उचक्का हैं रंजीत चौधरी , मेरा कोई संबंध नहीं -विधायक

रवीश कुमार मणि

पटना ( अ सं ) । किसी चोर को जब पटना पुलिस गिरफ्तार करती हैं तो उसके पुरे गिरोह को गिरफ्तार करने एवं मामले का उद्भेदन करने का दावा करती हैं । जब अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी में राजद विधायक एवं बड़े का नाम सामने आया तो पटना पुलिस पुरी तरह से लाचार दिख रहीं हैं । या कहें तो निष्पक्ष कार्रवाई के नाम पर हाथ – पाव फुल रहीं हैं । पांच माह गुजर गया लेकिन पुलिस आरोपियों के घर तक नहीं पहुंची हैं । जबकि गिरफ्तार कुख्यात अपराधी रंजीत चौधरी के निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी विधायक के समधी के घर से रायफल एवं कारतुस बरामद किया था।
हत्या ,लूट, रंगदारी सहित कई संगीन मामले का आरोपी कुख्यात रंजीत चौधरी पटना एवं आरा जिला के पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। एसएसपी मनु महाराज की स्पेशल टीम ने कुख्यात रंजीत चौधरी को बीते वर्ष 16 अगस्त को औरंगाबाद जिले के मुखिया पप्पू सिंह के घर से गिरफ्तार कर लिया । इस क्रम में पुलिस और रंजीत चौधरी के बीच फायरिंग की बात भी सामने आया था। पुलिस ने रंजीत चौधरी के पास से प्रतिबंधित बोर 9 एमएम का अमेरिकन पिस्टल ( ब्रेटा) ,10 गोली ,लोडेड मैगजीन ,एक दो नाली बंदूक एवं इसका 23 जिंदा कारतूस बरामद किया था।
पुलिसिया पूछताछ में रंजीत चौधरी ने बताया की हथियारों का आपूर्ति ,संदेश विधानसभा के राजद विधायक अरूण यादव द्वारा किया जाता हैं । सन 2016 में विधायक अरूण यादव से 15 लाख रूपये में एक एके 47 एवं एक एके 56 खरीदा था। पिस्टल और रिवाल्वर भी विधायक अरूण यादव से खरीदा हूं । किसके – किसके यहाँ हथियार रखा हूं ,रंजीत चौधरी ने इसका खुलासा किया और कई का नाम बताया । शुरूआती दौर में तो पुलिस को लगा की रंजीत चौधरी भरमा रहा हैं और गलत जानकारियां दे रहा हैं । जब रंजीत चौधरी ने यह बताया की विधायक अरूण यादव के समधी, उदवंतनगर थाना निवासी राजनारायण यादव उर्फ नेताजी के यहाँ अपना .315 बोर का रायफल रखें हुये हैं । पुलिस ने रंजीत चौधरी के निशानदेही पर छापेमारी करते हुये राजनारायण यादव के घर से .315 बोर का रायफल एवं 20 जिंदा कारतूस बरामद किया गया ।
गिरफ्तार रंजीत चौधरी ने बताया की बहन की शादी थी,समय रूपये के अभाव में ,एके 47 एवं एक रायफल, नालंदा जिले के गिरियक थाना क्षेत्र के घोसरांवा गांव निवासी अरविंद सिंह के हाथों साढ़े सात लाख रूपये में बेच दिया था। वहीं भतीजी की शादी में एक रिवाल्वर, ढाई लाख रूपये में विधायक अरूण यादव के हाथों बेचा था। वह रिवाल्वर विधायक जी ने किसी दूसरे के लिए लिया था। वहीं रंजीत चौधरी ने बताया की पुलिस ने बिहटा से जो पिस्टल बरामद किया हैं वह भी विधायक अरूण यादव से खरीद किया था।
इस मामले में विधायक अरूण यादव से जह बातें हुई तो विधायक अरूण यादव ने कुख्यात रंजीत चौधरी को चोर, उचक्का बताया और कहां की मेरा कोई संबंध नहीं हैं । पुलिस साबित कर दिखाए । विधायक अरूण यादव के बातों में कितनी सच्चाई हैं वह तो पुलिस को तय करना हैं लेकिन राजनापायण यादव उर्फ नेताजी तो विधायक जी के समधी हैं । और पुलिस ने रंजीत चौधरी के निशानदेही पर ही राजनारायण यादव के घर से 315 बोर का रायफल एवं 20 जिंदा कारतूस बरामद किया था।
इस मामले में पुलिस के निष्पक्ष अनुसंधान एवं कार्रवाई की बात करें तो केस के अनुसंधानकर्ता सुभाष कुमार ने 60 दिनों के अंदर जेल में बंद कुख्यात रंजीत चौधरी के खिलाफ ,चार्जशीट 416 / 13 /10 /2017 कोर्ट में दाखिल कर दिया । 60 दिनों में लिखी गयी कुल 41 पन्ने की केस डायरी की बात करेंगे तो अत्याधुनिक हथियारों के तस्करी में जुड़े नाम संदेश के राजद विधायक अरूण यादव ,अगियांव के सुरेन्द्र राय, नालंदा के अरविंद सिंह एवं अन्य से पुलिस ने कोई पूछताछ नहीं किया हैं और न ही किसी तरह की कोई छापेमारी किया गया हैं । जबकि दानापुर के एएसपी राजेश कुमार ने अपने सुपरवीजन रिपोर्ट ,ज्ञापांक – 1692 /दिनांक 22 सितंबर 17 के द्वारा केस आईओ को बरामद अग्नेयास्त्र का श्रोत पता करने का निर्देश दिया था। जबकि इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया रंजीत चौधरी को पुलिस ने तीन दिनों तक रिमांड पर लेकर पूछताछ किया था और दो स्वीकृति बयान दर्ज किया हैं । सबसे बड़ी बात तो यह हैं की इतने बड़े संगीन मामले में सीटी एसपी का कोई सुपरवीजन ,आजतक नहीं निकला हैं । हालाँकि पुलिस ने कागजी तौर पर जांच जारी रखा हैं । लेकिन कार्रवाई के नाम पर शून्य हैं ।

विधायक अरूण यादव पर पूर्व के आरोप 

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