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अक्टूबर 2019 के बाद शुरू हो सकता है बिहटा वायु सेना केंद्र

अक्टूबर 2019 के बाद शुरू हो सकता है बिहटा वायु सेना केंद्र

पटना से अंतरराष्ट्रीय उड़ान, प्रति वर्ष 50 लाख यात्री यहां से करेंगे देश -विदेश का सफर

सितम्बर 2018 से शुरू होगा विकसित करने का कार्य 

किशोर चौहान,बिहटा(पटना) अक्टूबर 2019 के बाद शुरू हो सकता है बिहटा वायु सेना केंद्र पटना से अंतरराष्ट्रीय उड़ान।प्रति वर्ष 50 लाख यात्री यहां से करेंगे देश-विदेश का सफर।सितम्बर 2018 से शुरू होगा विकसित करने का कार्य। अक्टूबर 2019 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।वायु सेना केंद्र को विकसित कर नागरिक उड्डयन के लिए यहां एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया 800 करोड़ की लागत से नया टर्मिनल भवन ,24 घण्टे उड़ान औऱ लैंडिंग के लिये एप्रोच लाइट और होटलों आदि का निर्माण करेगा।इसके लिये 887 रैयतो से 125. 99 एकड़ भूमि अधिग्रहण कार्य अंतिम दौर में है।दिसम्बर मे भूमि को उड्डयन विभाग को हस्तांतरित करने की बात है।जय प्रकाश नारायण पटना हवाई अड्डा पर प्रति वर्ष बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए यहां केंद्र और राज्य सरकार की सहमति से सिविल उड़ान की सहमति मिली है।भूमि अधिग्रहण का कार्य अंतिम दौर में है ।मुआवजे के रूप में 270 करोड़ रुपये की राशि भू-अर्जन विभाग द्वारा किसानों को अभी दिया जा रहा हैे।वर्तमान रनवे की लम्बाई भी विस्तार करने की योजना है।जिसके लिए और जमीन का अधिग्रहण करने की बात चल रही है।पटना हवाई अड्डा पर 2016-17 में 21 लाख यात्री सफर कर चुके है।जो इस वितीय वर्ष में 30 लाख तक पहूंचने की संभावना है।एयरपोर्ट अथॉरिटी यंहा भी 800 करोड़ रुपये से नया टर्मिनल भवन आदि का निर्माण मई 2018 से शुरू करने करने वाला है।कार्य को तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।जिसके बाद इसकी क्षमता सलाना 45 लाख तक होने की संभावना है।चुकि यहां रनवे की लंबाई 6600 फीट है।जिससे यह 50 से 180 सीटर विमान ही उतरते गया जगह की कमी से यंहा रनवे की लंबाई बढ़ाना संभव नही है। पटना तथा बिहटा को ट्विन एयरपोर्ट के रुप मे विकसित किया जाना है।बिहटा में रनवे की लंबाई को बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। रनवे विस्तार होने के बाद यहां से बोईंग737 और एयरबस 320 से बड़े विमानों को सुरक्षित उतारा जा सकता है।वर्तमान में यहां रनवे की लंबाई को 8200 फीट से 12000 फीट करने का प्रस्ताव दिया गया है। जिसके लिये पूरब में और 156 एकड़ जमीन की मांग की गयी है। इतना जमीन देने के लिये राज्य सरकार तैयार नहीं है।जिससे लिये मुख्य रनवे के पूरब और पश्चिम में कुछ जमीन लेकर इसकी लम्बाई 9700 फीट किये जाने के लिए  सर्वे किया जा चुका है।अभी यहां 250 सीटर विमान ही सुरक्षित उतर सकते है।सर्वप्रथम यहां से नेपाल और दक्षिण पूर्व एशिया के लिये उड़ान का प्रस्ताव है।एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो यहां से भी अक्टूबर 2019 के बाद सिविल उड़ान शुरू हो जायेगा।

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