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अटल के आवाज को दिल से लिया था जॉबाज़ आईपीएस व टीम ने ,और मार गिराया तीन क्रिमिनल

अटल के आवाज को दिल से लिया था जॉबाज़ आईपीएस व टीम ने ,और मार गिराया तीन क्रिमिनल

>> सचिवालय थाना बना था कंट्रोल रूम, एसएसपी सहित टीम ने लिया था शपथ ,जबतक सुरक्षित नहीं करेंगे बरामद तबतक नहीं जाएंगे घर

>> राज्यपाल, गृहमंत्री ,राष्ट्रपति थे घटना से गंभीर ,कामयाबी बाद राष्ट्रपति और भारत सरकार ने दिया था प्रशंसित-पत्र

>> सुरक्षित किसलय बरामद होने के बाद पीडि़त परिवार ने कहां था थैंक्स फॉर एन एच खां एंड पटना पुलिस टीम

रवीश कुमार मणि

पटना ( अ सं ) । राजनीति नहीं ,विश्वास का नाम था अटल बिहारी वाजपेयी ।सच्चाई और ईमानदारी ऐसी की आम ही नहीं पुलिस -प्रशासन के दिल में भी बसते थे अटल बिहारी वाजपेयी । पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 27 जनवरी 2005 को चुनावी भाषण के दौरान घटित किसलय अपहरण कांड पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहां की मेरा किसलय कहां है, किसलय को लौटा दो। अटल के अवाज को सुन रहा जॉबाज़ आईपीएस नैय्यर हसनैन खां ने दिल से लिया और अपने टीम के साथ शपथ लिया की जब तक किसलय को सुरक्षित बरामद नहीं कर लेते तब तक घर नहीं जाएंगे । चुनौती के रूप में लेते हुये तत्कालीन जॉबाज़ एसएसपी नैय्यर हसनैन खां और इनके टीम ने किसलय को सुरक्षित बरामद किया ही, घटना में शामिल तीन हार्डकोर अपराधी को इंकाउंटर में मार गिराया । कामयाबी बाद, राष्ट्रपति और भारत सरकार की ओर से टीम को प्रशंसित-पत्र दें तत्कालीन एसएसपी नैय्यर हसनैन खां, सीटी एसपी -शालिन, डीएसपी राकेश दुबे ,शशि भूषण शर्मा ,अरशद जमां, कोतवाली इंस्पेक्टर अजय कुमार को सम्मानित किया गया था।
सन् 2005 के 19 जनवरी की सुबह ,करीब 6.30 बजे ,आयकर विभाग के सहायक आयुक्त के के गुप्ता का 14 वर्षीय लड़का किसलय कौशल घर से डीपीएस स्कूल जाने के लिए निकला था की मारूती भान पर सवार सशस्त्र अपराधियों ने शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के पटेल नगर से किसलय का अपहरण कर लिया । यह घटना आग की तरह फैल गयी । दो सप्ताह के अंदर ,बिहार के विभिन्न हिस्से पांच अपहरण के मामले हो चुके थे। सूबे के मुख्यमंत्री की रूप में राबड़ी देवी थीं ,लालू प्रसाद यादव केन्द्र में रेल मंत्री । प्रतिपक्ष के रूप में नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी की जोड़ी । घटना के विरोध में स्कूली छात्र सड़क पर आ गये थे, हमें किसलय चाहिए ,और हमें सुरक्षित भविष्य दीजिए कहते हुये छात्रों ने राजभवन मार्च किया था। मामला इतना हाई लाइट हुआ था की घटना को लेकर राजपाल, गृहमंत्री और राष्ट्रपति तक गंभीर हुये थे । सचिवालय के गृह विभाग ने जल्द कार्रवाई करने का आदेश पटना पुलिस को दिया था।
इधर एसएसपी नैय्यर हसनैन खां ,कार्रवाई को खुद लीड कर रहें थे और टीम में पटना के सीटी एसपी शालिन, डीएसपी राकेश दुबे ,अरशद जमां, शशि भूषण शर्मा ,कोतवाली इंस्पेक्टर अजय कुमार सहित आधा दर्जन तेज तर्रार इंस्पेक्टर जांच और कार्रवाई में दिन रात एक किये हुये थे।एसएसपी एन एच खां ने स्पष्ट कहां था हमें दबाव में नहीं सुझ-बुझ से किसलय को हर हाल में सुरक्षित बरामद करना हैं ।हाजीपुर जेल में बंद एक नेता को रिमांड पर लेकर पूछताछ किया गया तो कुछ जानकारी हाथ लगी । किसलय को दिल्ली में रखने की बात सामने आयीं । आईपीएस एन एच खां का बैचमेंट, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ने काभी सहयोग किया । लेकिन छापेमारी के पूर्व ही अपराधियों ने ठिकाना छोड़ दिया ,और कामयाबी मिलते मिलते रह गयी ।
चुनावी मौसम था ,किसलय अपहरण कांड एक बड़ी मुद्दा । अपहरण की घटना के आठवें दिन 27 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का ऐतिहासिक गांधी मैदान में कार्यक्रम । हजारों की तादाद में भीड़ अटल जी को सुनने के लिए जुटा था। मंच पर नीतीश कुमार और सुशील मोदी भी थे। सबने बिहार सरकार के विधि -व्यवस्था को कोसा। किसी ने जंगल राज, किसी ने अपहरण उद्योग आदी कहां । पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भाषण के लिए माइक लेते हीं कहां की मेरा किसलय कहां है…किसलय को लौटा दो। गांधी मैदान में पुलिस की हांय-हांय और सरकार बांय-बांय होने लगा।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से आईपीएस नैय्यर हसनैन खां ,अपने बचपन से लेकर जवानी तक और आगे तक वाकिफ थे। अटल बिहारी वाजपेयी जी को विदा करने के बाद तत्कालीन एसएसपी नैय्यर हसनैन खां ने अपने गठित पुलिस टीम को सचिवालय थाना बुलाया ,यह कहते हुये की विथ बेडिंग आएं । सीटी एसपी ,शालिन, डीएसपी राकेश दुबे ,शशि भूषण शर्मा ,अरशद जमां, आधा दर्जन टीम में शामिल इंस्पेक्टर जैसे ही सचिवालय थाना पहुंचे ,देखें की एसएसपी एन एच खां पहले से मौजूद हैं और गंभीर हैं । ऑन टेबल ,पहुंचते ही एसएसपी एन एच खां ने कहां की हम सभी शपथ लें की जबतक किसलय सुरक्षित बरामद नहीं होता और अपराधी नहीं पकड़े जाते घर नहीं जाएंगे । सभी ने एक सूर से कहां ओके सर। फिर क्या था सचिवालय थाना बना कंट्रोल रूम और जुट गये एसएसपी सहित सभी जॉबाज़ अफसर ।
डीएसपी शशि भूषण शर्मा ,मोबाइल टेक्नोलॉजी में बहुत आगे की चीज थे। जैसे ही अपहरणकर्ताओं ने रंगदारी की मांग किया की सभी का ट्रेस हो गया । एसएसपी नैय्यर हसनैन खां, दिल्ली के अपने बैचमेंट ,डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के लगातार संपर्क में थे और सहयोग ले पुलिस टीम के कार्रवाई का निर्देश दे रहें थे। इसी क्रम में पुलिस टीम को जानकारी की अपहरणकर्ता किसलय को समस्तीपुर में रखें हुये हैं ।एसएसपी एन एच खां ने अपने टीम को आदेश दिया की अपहरणकर्ता बच जाएं ,फिर पकड़ लेंगे लेकिन किसलय को सुरक्षित बरामद करना हैं । पुलिस टीम ने किसलय को समस्तीपुर से सुरक्षित बरामद कर लिया । किसलय की सुरक्षित बरामदगी पटना पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धी थी, चुकी जिस चुन्नू ठाकुर गिरोह का नाम आया था वह इतना शातिर था की रूपये लेने के बाद भी अपहृत बच्चे की हत्या करने से पीछे नहीं हटता था। किसलय के परिवार ने थैंक्स फॉर एसएसपी नैय्यर हसनैन खां एवं पटना पुलिस कहां था।
किसलय की सुरक्षित बरामदगी के बाद भी तत्कालीन एसएसपी नैय्यर हसनैन खां बेचैन थे चुकी मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार करना था। एन एच खां ने कहां की अभी मिशन समाप्त नहीं हुआ है इसलिए सभी लोग सचिवालय में ही कैंप करेंगे । किसलय के बरामदी के तीसरे दिन पुलिस टीम को सूचना मिली की विक्की ठाकुर ट्रेन से अपने साथियों के साथ दिल्ली से आ रहा हैं । पटना स्टेशन पर ट्रेन रूकने से पहले ही विक्की ठाकुर चक्मा दे स्टेशन से बाहर निकल गया । लेकिन पुलिस पीछे लगी थी स्वयं एन एच खां लीड कर रहें थे। जैसे ही शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के डुमरा कोठी ओपी के समीप बगल इलाके में पुलिस टीम ने घेराबंदी शुरू किया की अपराधी विक्की ठाकुर और उसके साथियों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दिया । तत्कालीन एसएसपी नैय्यर हसनैन खां सहित टीम के सीटी एसपी ,सभी डीएसपी ,इंस्पेक्टर ने मोर्चा संभालते हुये प्रतिउत्तर में गोलीबारी शुरू कर दिया । सैकड़ों राउंड गोलीबारी के बाद पुलिस ने इंकाउंटर मे कुख्यात विक्की ठाकुर सहित तीन को मार गिराया और कई हथियार बरामद किया ।यह इंकाउंटर पटना पुलिस का लाइव इंकाउंटर था।सभी अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर हेड लाइन खबर छपी जीत गयी पटना पुलिस ,अपराधियों का अंत। कामयाबी मिलने पर राष्ट्रपति और भारत सरकार की ओर से पटना के तत्कालीन एसएसपी नैय्यर हसनैन खां ,सीटी एसपी शालिन, डीएसपी राकेश दुबे ,अरशद जमां, शशि भूषण शर्मा और टीम में शामिल सभी इंस्पेक्टर प्रशंसित-पत्र मिला था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन अंत हो गया ।अटल जी का वह आवाज कि मेरे किसलय को ला दो…. आज भी आईपीएस नैय्यर हसनैन खां के दिल में हैं ,उसे एक चुनौती में लेकर किसलय को सुरक्षित बरामद किया था। वही जॉबाज़ आईपीएस आज हम लोगों के बीच जोनल आईजी पटना के रूप नें हैं और पीड़ितों को न्याय दिलाने में लगातार जुटे रहते हैं ।

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